ashwagandha ke fayde | अश्वगंधा के फायदे, नुकसान व सेवन कैसे करें

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो कई लाइलाज बीमारियों को ठीक करने की क्षमता रखती है. अश्वगंधा का इस्तेमाल कई बीमारियों में दवा के रूप में किया जाता है. अश्वगंधा दवा, चूर्ण, कैप्सूल के रूप में आपको आसानी से बाजार में मिल जाएगी. कई रोगों में तो अश्वगंधा रामबाण की तरह है. सदियों से अश्वगंधा को जड़ी-बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है.

विभिन्न ग्रंथों में भी इसका उल्लेख किया गया है। आज के वैज्ञानिक युग में डॉक्टर भी मान चुके हैं कि अश्वगंधा गुणकारी औषधि है और कई रोगों के उपचार इस अकेली जड़ी-बूटी से संभव हैं। साथ ही साथ इसका इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवा के रूप में भी किया जा सकता है। यह जड़ी-बूटी आपको बाजार में पाउडर, कैप्सूल व टैब्लेट आदि रूपों में आसानी से मिल जाएगी।

क्या है अश्वगंधा : इसका वैज्ञानिक नाम विथानिया सोम्निफेरा है। आम बोलचाल में इसे अश्वगंधा के साथ-साथ इंडियन जिनसेंग और इंडियन विंटर चेरी कहा जाता है। इसका पौधा 35-75 सेमी लंबा होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी स्ट्रेस व एंटीबैक्टीरियल जैसे तत्व और इम्यून सिस्टम को बेहतर करने व अच्छी नींद लाने वाले गुण मौजूद हैं। इसके जड़ और पत्तों की सुगंध अश्व के मूत्र के सामान होती है, जिस कारण से इसे अश्वगंधा नाम दिया गया है।

कहाँ कहाँ पाया जाता है : मुख्य रूप से इसकी खेती भारत के सूखे इलाकों में होती है, जैसे – मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान व गुजरात। इसके अलावा, चीन और नेपाल में भी इसे बहुतायत संख्या में उगाया जाता है। विश्वभर में इसकी 10 और भारत में दो प्रकार की प्रजातियां पाई जाती हैं।

Ashwagandha ke Fayde अश्वगंधा के फायदे

  • कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी में बहुत असरकारी है अश्वगंधा का इस्तेमाल. कई रिसर्च में यह बताया गया है कि अश्वगंधा कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है और कैंसर के नए सेल्स नहीं बनने देता. यह शरीर में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज का निर्माण करता है. जो कैंसर सेल्स को खत्म करने और कीमोथेरपी से होने वाले साइड इफेक्ट्स से भी बचाने का काम करता है.
  • अश्वगंधा में मौजूद ऑक्सीडेंट आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है. जो आपको सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से लडने की शक्ति प्रदान करता है. अश्वगंधा वाइट ब्लड सेल्स और रेड ब्लड सेल्स दोनों को बढ़ाने का काम करता है. जो कई गंभीर शारीरिक समस्याओं में लाभदायक है.
  • आप नींद न आने से परेशान हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। यह हम नहीं, बल्कि 2017 में जापान की त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट द्वारा किए गए एक रिसर्च में कहा गया है। इस अध्ययन के अनुसार, अश्वगंधा के पत्तों में ट्राइथिलीन ग्लाइकोल नामक यौगिक पाया जाता है, जो गहरी नींद में सोने में मदद करता है। इस रिसर्च के आधार पर कहा जा सकता है कि अनिद्रा के शिकार व्यक्ति को अश्वगंधा का सेवन करने से फायदा हो सकता है
  • आजकल जिसे देखो, वही तनाव में नजर आता है। इस कारण से हम न सिर्फ समय से पहले बूढ़े हो रहे हैं, बल्कि कई बीमारियों का शिकार भी बन रहे हैं। अगर आप इन सभी दुष्परिणामों से बचना चाहते हैं, तो तनाव और चिंताग्रस्त जीवन जीने का प्रयास करें। साथ ही अश्वगंधा का सेवन करें। यह आयुर्वेदिक औषधि आपके तनाव को दूर करने के लिए कारगर साबित हो सकती है। हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किन कारणों से अश्वगंधा में एंटी-स्ट्रेस गुण है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि इसमें तनाव से राहत दिलाने के गुण हैं ।
  • कई पुरुषों में यौन इच्छा कम होती है और वीर्य की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होती। इस कारण वो संतान सुख से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में अश्वगंधा जैसी शक्तिवर्धक औषधि पुरुषों में यौन क्षमता को बेहतर करने का भी काम करती है। साथ ही वीर्य की गुणवत्ता को भी बेहतर करती है। 2010 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, अश्वगंधा का प्रयोग करने से वीर्य की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी संख्या में भी वृद्धि होती है। यह इंडियन जिनसेंग खासकर उन लोगों के लिए वरदान की तरह है, जिनकी यौन क्षमता या फिर वीर्य की गुणवत्ता कम होती है ।
  • यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी किस कदर गुणकारी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक दशक से डॉक्टर भी मानने लगे हैं कि अश्वगंधा से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। यहां तक डॉक्टर कैंसर जैसी बीमारी के लिए भी अश्वगंधा को फायदेमंद मान रहे हैं। विभिन्न वैज्ञानिक शोध में कहा गया है कि अश्वगंधा में एंटी-ट्यूमर गुण है। इसलिए, कैंसर के वैकल्पिक उपचार के तौर पर अश्वगंधा का प्रयोग किया जा सकता है ।

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