Skip to content

THE GYAN GANGA

Know Everythings

  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Toggle search form
  • ★ जोसेफ लिस्टर की जीवनी ★
    ★ जोसेफ लिस्टर की जीवनी ★ Biography
  • अमीनो एसिड के फायदे और नुकसान स्रोत
    अमीनो एसिड के फायदे और नुकसान स्रोत Knowledge
  • मोमिन खान का व्यक्तिगत जीवन Biography
  • नागरिकता संशोधन विधेयक (बिल) 2019 क्या है ?
    नागरिकता संशोधन विधेयक (बिल) 2019 क्या है ? Knowledge
  • ★ क्या है NOTA ? इसको दबाने से क्या होगा ★
    ★ क्या है NOTA ? इसको दबाने से क्या होगा ★ Knowledge
  • Top Niklaus Wirth Quotes Quotes
  • ★  Business Turnover क्या होता है? और इसकी गणना कैसे करें? ★
    ★ Business Turnover क्या होता है? और इसकी गणना कैसे करें? ★ Knowledge
  • त्र्यंबकेश्‍वर में एक साथ करें ब्रह्मा, विष्‍णु, महेश के दर्शन
    त्र्यंबकेश्‍वर में एक साथ करें ब्रह्मा, विष्‍णु, महेश के दर्शन Tourist Place
★ सिंधु नदी ::::::: जहाँ जन्मी हिन्द की सभ्यता

★ सिंधु नदी ::::::: जहाँ जन्मी हिन्द की सभ्यता

Posted on October 21, 2019January 20, 2021 By admin No Comments on ★ सिंधु नदी ::::::: जहाँ जन्मी हिन्द की सभ्यता

सिंधु नदी विश्व की बड़ी नदियों में से एक है। सिंधु नदी का दूसरा नाम इंडस है। यह नदी तीन देशो भारत, पाकिस्तान,चीन मे प्रमुख रूप बहती है।

इस नदी का ज्यादातर अंश पाकिस्तान में प्रवाहित होता है। यह पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी और राष्ट्रीय नदी है। सिंधु की पांच उपनदियां हैं। इनके नाम हैं: वितस्ता, चन्द्रभागा, ईरावती, विपासा एंव शतद्रु.

★ धार्मिक महत्व ::: इस नदी का पौराणिक उल्लेख ऋग्वेद, रामायण, महाभारत में भी मिलता है। इस नदी की महिमा ॠग्वेद में अनेक स्थानों पर वर्णित है-

‘त्वंसिधो कुभया गोमतीं क्रुमुमेहत्न्वा सरथं याभिरीयसे’

ऋग्वेद में सिंधु में अन्य नदियों के मिलने की समानता बछड़े से मिलने के लिए आतुर गायों से की गई है–

‘अभित्वा सिंधो शिशुभिन्नमातरों वाश्रा अर्षन्ति पयसेव धेनव:’

सिंधु के नाद को आकाश तक पहुंचता हुआ कहा गया है। जिस प्रकार मेघों से पृथ्वी पर घोर निनाद के साथ वर्षा होती है उसी प्रकार सिंधु दहाड़ते हुए वृषभ की तरह अपने चमकदार जल को उछालती हुई आगे बढ़ती चली जाती है-

‘दिवि स्वनो यततेभूग्यो पर्यनन्तं शुष्ममुदियर्तिभानुना।

अभ्रादिव प्रस्तनयन्ति वृष्टय: सिंधुर्यदेति वृषभो न रोरूवत्’

★ सिंधु का बहाव क्षेत्र :::: सिंधु नदी प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी नदी घाटियों में से एक है जो 11, 65,000 वर्ग किलोमीटर (भारत में यह 321, 289 वर्ग किलोमीटर) के क्षेत्रों की यात्रा करती है और इसकी कुल लंबाई 2,880 किमी (भारत में 1,114 किमी) है। इंडस को सिंधु के रूप में भी जाना जाता है। यह तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रंखला से बोखार-चू नामक ग्लेशियर (4164 मीटर) के पास तिब्बती क्षेत्र में से निकलती है।

तिब्बत में यह ‘सिंघी खमबं’ या ‘शेर का मुंह’ के नाम से जानी जाती है। लद्दाख और जास्कर सीमा के बीच उत्तर-पश्चिम दिशा में बहने के बाद यह लद्दाख और बाल्टिस्तान के माध्यम से गुजरती है। यह लद्दाख सीमा को पार करते हुए जम्मू-कश्मीर में गिलगित के पास एक शानदार गोर्ज का गठन करते हुये, दार्दिस्तान क्षेत्र में चिल्लर के पास पाकिस्तान में प्रवेश करती है।

★ भारत में सिंधु नदी का प्रवाह :::::::

भारत में सिंधु नदी केवल जम्मू एवं कश्मीर के लेह जिले के माध्यम से बहती है। झेलम, सिंधु नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी कश्मीर की घाटी के दक्षिण-पूर्वी भाग में पीर पंजाल के पाद पर स्थित वेरीनाग से एक झरने से निकलती है। यह पहले श्रीनगर और वुलर झील के माध्यम से बहती है और फिर एक गहरी संकीर्ण कण्ठ के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश करती है। यह चिनाब से पाकिस्तान में झांग के पास मिलती है। चिनाब सिंधु नदी की सबसे बडी सहायक नदी है। यह दो धाराओं- चंद्रा और भागा से बनी है जो हिमाचल प्रदेश में केलांग के पास तांडी में शामिल हो जाती है। इसलिए यह चंद्रभागा के नाम से भी जानी जाती है। पाकिस्तान में प्रवेश करने से पहले यह नदी 1,180 किमी के लिए बहती है।

रवि, सिंधु की एक अन्य महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह हिमाचल प्रदेश की कुल्लू की पहाड़ियों में रोहतांग दर्रे के पश्चिम से निकलती है और राज्य की चंबा घाटी के माध्यम से बहती है। पाकिस्तान में प्रवेश करने और चिनाब के पास सराय सिद्धू में शामिल होने से पहले ये पीर पंजाल और धौलाधार पर्वतमाला के दक्षिण-पूर्वी भाग के बीच बहती है। ब्यास सिंधु की एक अन्य महत्वपूर्ण सहायक नदी है जो समुद्र स्तर से ऊपर 4000 मीटर की ऊंचाई पर रोहतांग दर्रा के पास ब्यास कुंड से निकलती है। यह नदी कुल्लू घाटी के माध्यम से बहती है और धौलाधार रेंज में कटी और लर्गी के पास घाटिया बनाती है। यह पंजाब के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है जहां यह हरिके के पास सतलुज से मिलती है। सतलुज तिब्बत में 4555 मीटर की ऊंचाई पर मानसरोवर के निकट रकस झील से निकलती है जहां ये लंगचें खमबब के रूप में जानी जाती है। भारत में प्रवेश करने से पहले यह लगभग लगभग 400 किमी के लिए सिंधु के समानांतर बहती है और रुपर पर एक कण्ठ के रूप से बाहर आती है। यह हिमालय पर्वतमाला पर शिपकी ला के माध्यम से गुजरती है और पंजाब के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है। यह एक पूर्ववर्ती नदी है। यह भाखड़ा नांगल परियोजना के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सहायक नदी के रूप में यहाँ की नहर प्रणाली को सींचती है।

★ सिंधु नदी का उद्गम स्थल :

तिब्बत के मानसरोवर के निकट सिन-का-बाब नामक जलधारा सिन्धु नदी का उद्गम स्थल है।

इस नदी की कुल लम्बाई 3,200 किलोमीटर है ।अपने उद्गम से निकलकर तिब्बती पठार की चौड़ी घाटी में से होकर, कश्मीर की सीमा को पारकर, दक्षिण पश्चिम में पाकिस्तान के रेगिस्तान और सिंचित भूभाग में बहती हुई, कराँची के दक्षिण में अरब सागर में गिरती है। इसकी सहायक नदियाँ क़ाबुल नदी, स्वात ,झेलम,

चिनाब, रावी और सतलुज है ।

★ गर्मी मे आती है बाढ़ :: मार्च में हिम के पिघलने के कारण इसमें अचानक भयंकर बाढ़ आ जाती है। बरसात में मानसून के कारण जल का स्तर ऊँचा रहता है। पर सितंबर में जल स्तर नीचा हो जाता है और जाड़े भर नीचा ही रहता है।

★ सिंचाई के लिए अच्छी है : सतलुज एवं सिंध के संगम के पास सिंध का जल बड़े पैमाने पर सिंचाई के लिए प्रयुक्त होता है। सन्‌ 1932 में सक्खर में सिंध नदी पर लॉयड बाँध बना है जिसके द्वारा 50 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई की जाती है। जहाँ भी सिंध नदी का जल सिंचाई के लिए उपलब्ध है, वहाँ गेहूँ की खेती ज्यादा होती है और इसके अतिरिक्त कपास एवं अन्य अनाजों की भी खेती होती है तथा ढोरों के लिए चरागाह हैं। हैदराबाद (सिंध) के आगे नदी 3,00 वर्ग मील का डेल्टा बनाती है। गाद और नदी के मार्ग परिवर्तन करने के कारण नदी में नौसंचालन खतरनाक है।

★ क्या है सिंधु जल संधि :::::::::: सिंधु प्रणाली में मुख्‍यतः सिंधु, झेलम, चिनाब,रावी, ब्यास और सतलज नदियाँ शामिल हैं। इन नदियों के बहाव वाले क्षेत्र (Basin) को प्रमुखतः भारत और पाकिस्‍तान साझा करते हैं। इसका एक बहुत छोटा हिस्‍सा चीन और अफगानिस्‍तान को भी मिला हुआ है।

● 1947 में आज़ादी मिलने और देश विभाजन के बाद अन्य कई मुद्दों की तरह भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे को लेकर भी विवाद शुरू हो गया।

● जब इस मुद्दे का कोई हल नज़र नहीं आया तो 1949 में एक अमेरिकी विशेषज्ञ डेविड लिलियेन्थल ने इस समस्या को राजनीतिक के बजाय तकनीकी तथा व्यापारिक स्तर पर सुलझाने की सलाह दी।

● उन्होंने दोनों देशों को राय दी कि वे इस मामले में विश्व बैंक से मदद भी ले सकते हैं। सितंबर 1951 में विश्व बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष यूजीन रॉबर्ट ब्लेक ने मध्यस्थता करना स्वीकार कर लिया।

● इसके बाद सालों चली बातचीत के बाद 19 सितंबर, 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता हुआ। इसे ही1960 की सिंधु जल संधि कहते हैं।

● इस संधि पर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने रावलिपिंडी में दस्तखत किये थे।

● 12 जनवरी, 1961 से संधि की शर्तें लागू कर दी गई थीं। संधि के तहत 6 नदियों के पानी का बँटवारा तय हुआ, जो भारत से पाकिस्तान जाती हैं।

● 3 पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलज) के पानी पर भारत को पूरा हक दिया गया।

● शेष 3 पश्चिमी नदियों (झेलम, चिनाब, सिंधु) के पानी के बहाव को बाधारहित पाकिस्तान को देना तय हुआ।

Knowledge

Post navigation

Previous Post: प्राचीन रोम का इतिहास | history of ancient rome
Next Post: चीन से जुड़े कुछ अद्भुत और रोचक तथ्ये

Related Posts

  • INDIA के २० सबसे बड़े घोटाले कौन से पार्टी ने की सबसे ज्यादा घोटाले
    INDIA के २० सबसे बड़े घोटाले कौन से पार्टी ने की सबसे ज्यादा घोटाले Knowledge
  • क्रेडिट कार्ड हैक होने के संकेत | credit Card hack hone per kya kare
    क्रेडिट कार्ड हैक होने के संकेत | credit Card hack hone per kya kare Knowledge
  • America के रोचक तथ्ये
    America के रोचक तथ्ये Knowledge
  • ★ बारिश से बनाई बिजली ★
    ★ बारिश से बनाई बिजली ★ Knowledge
  • ★ LIC पॉलिसी के लिए ऑनलाइन मोबाइल नंबर रजिस्टर कैसे करें ★
    ★ LIC पॉलिसी के लिए ऑनलाइन मोबाइल नंबर रजिस्टर कैसे करें ★ Knowledge
  • madhumakhi ke katne par upchar
    madhumakhi ke katne par upchar Knowledge

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • ★ सिंधु घाटी की सभ्यता :—  लोथल शहर
    ★ सिंधु घाटी की सभ्यता :— लोथल शहर History
  • Discover Inspiring Steve Wozniak Quotes Quotes
  • False Propaganda Made on Ravish Kumar Uncategorized
  • पीलिया का घरेलु उपचार : रोक थाम और उपाय
    पीलिया का घरेलु उपचार : रोक थाम और उपाय Health
  • पीरियड्स मे घबराए नही,बस रखे अपना ख़्याल :
    पीरियड्स मे घबराए नही,बस रखे अपना ख़्याल : Health
  • Election Commission of India: Articles, Composition, and Functions (UPSC, SSC, PCS) Uncategorized
  • Discover Brigitte Bardot Quotes Quotes
  • व्लादिमीर लेनिन कौन था | जानिए क्रन्तिकारी नेता  व्लादिमीर लेनिन के बारे में
    व्लादिमीर लेनिन कौन था | जानिए क्रन्तिकारी नेता व्लादिमीर लेनिन के बारे में Biography

Powered by PressBook News WordPress theme