★ अरावली की पर्वत श्रृंखलाएं से जुड़े रोचक तथ्ये ★

यह पर्वत प्राचीन भारत के सप्तकुल पर्वतों में से एक है। भारत की भौगोलिक संरचना में अरावली प्राचीनतम पर्वत है। भू-शास्त्र के अनुसार भारत का सबसे प्राचीन पर्वत अरावली का पर्वत है। माना जाता है कि यहीं पर श्रीकृष्ण ने वैकुंठ नगरी बसाई थी। अरावली या ‘अर्वली’ उत्तर भारतीय पर्वतमाला है।

● राजस्थान राज्य के पूर्वोत्तर क्षेत्र से गुजरती 560 किलोमीटर लंबी इस पर्वतमाला की कुछ चट्टानी पहाड़ियां दिल्ली के दक्षिण हिस्से तक चली गई हैं।

● गुजरात के किनारे अर्बुद या माउंट आबू का पहाड़ उसका एक सिरा है तो दिल्ली के पास की छोटी-छोटी पहाड़ियां धीरज दूसरा सिरा।

● आबू के पहाड़ का सबसे ऊंचा शिखर सिरोही जिले में गुरुशिखर 1727 मी. से भी अधिक ऊंचा है जबकि धीरज टेकरियों की ऊंचाई 50 फुट की ही होगी।

● राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, पंजाब आदि राज्यों में इस पर्वत की श्रृंखलाएं फैली हुई हैं।

● इसे भी हिन्दूकुश पर्वत की तरह पारियात्र या पारिजात पर्वत कहा जाता है। वह इसलिए कि यहां पर पारिजात वृक्ष पाया जाता है।

● राजस्थान में यह पहाड़ नैऋत्य दिशा से चलता हुआ ईशान दिशा में करीब दिल्ली तक पहुंचा है।

● दिल्ली में स्थित राष्ट्रपति भवन रायसीना की पहाड़ी पर बना हुआ है जो अरावली पर्वत श्रंखला का ही भाग है।

★ खतरे मे है अरावली पहाड़ी :

अरावली पर्वत श्रृंखला कई प्राकृतिक और खनिज संपदाओं से लबरेज है। यह पर्वत श्रेणी क्वार्ट्ज चट्टानों से निर्मित है। इनमें सीसा, तांबा, जस्ता आदि खनिज पाए जाते हैं। यहां की अधिकतर चट्टानें देशभर में लोगों के घर का फर्श बनकर नष्ट हो गई हैं।  सिंधु को लांघकर मध्यप्रदेश की ओर जाते यह पहाड़ और उसकी अनेक शाखाएं आड़ी आती हैं इसलिए इसका ‘आडावली’ नाम पड़ा होगा। आडावली के पहाड़ बड़े हों या छोटे, वनस्पति-सृष्टि को आज भी प्रश्रय देते हैं और उन जंगलों में शेर, चीता आदि वन्य पशुओं को भी प्रश्रय मिलता है और यहां कई पहाड़ी वन्य जातियां भी उसके आश्रय से कृतार्थ होकर लोकगीतों में अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती हैं। इस पर्वतमाला में केवल दक्षिणी क्षेत्र में सघन वन हैं अन्यथा अधिकांश क्षेत्रों में यह विरल, रेतीली एवं पथरीली है।

★ अरावली पहाड़ी से निकली नदियां :
अरावली परिसर में जन्म लेने वाली नदियों की संख्या भी कम नहीं है। वेदस्मृति (बनास), वेदवती (बेरछ), वृत्रघ्नी (उतंगन), सिंधु (काली सिंध), वेण्या या वर्णाशा नंदिनी अथवा चंदना (साबरमती), सदानीरा या सतीरापारा (पार्वती), चर्मण्वती या धन्वती (चंबल), तूपी या रूपा या सूर्य (गंभीर), विदिशा या विदुषा (बेस), वेत्रवती या वेणुमती (बेतवा), शिप्रा या अवर्णी या अवंती।

★ प्रमुख चोटियां हैं-

* सेर- 1597 मीटर

* अचलगढ़- 1380 मीटर

* देलवाड़ा- 1442 मीटर

* आबू- 1295 मीटर

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