James Clerk Maxwell Biography

मैक्सवेल का जन्म एडिनर्बग (स्कॉटलैण्ड) में 13 नवम्बर सन् 1831 के हुआ था। इनके पिता का नाम जान था। जब वह आठ वर्ष के थे, उनकी मां मर गई। माँ के मरने के बाद वो अपने पिता जॉन और बहन जेन के साथ अपना जीवन बिताने लगे।

★ मैक्सवेल की शिक्षा दीक्षा ★

जब वह 10 साल के थे तब उन्होंने एडिनबर्ग अकादमी मे दाखिला लिया। वह गणित मे होशियार थे।

★ मैक्सवेल का विश्वविद्यालय जीवन ★

मैक्सवेल ने एडिनबर्ग, लंदन और कैम्ब्रिज में अध्ययन किया, जहां उन्होंने एक साथ रंग के अलग-अलग रंगों को मिलाकर रंग दृष्टि में प्रयोग किया।

★ मैक्सवेल के ख़ोज ★

● विधुत चुम्बकीय सिद्धान्त :- इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया जाता है।

●गैस के गतिज सिद्धान्त :- गैस के गतिज सिद्धान्त पर महत्वपूर्ण शोधकार्य करके, गैस के अणुओं के वेग के विस्तरण के लिये इन्होंने सूत्र दिया, जो “मैक्सवेल के नियम” के नाम से जाना जाता है।उन्होंने विद्युत चुंबकत्व के क्षेत्र में एकीकृत मॉडल दिया, जिसे भौतिकी में एक बड़ा योगदान माना जाता है।

●मैक्सवेल वितरण :- मैक्सवेल ने मैक्सवेल वितरण का विकास किया जिसे गैसों की गतिज उर्जा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है।

इन्होने रंगों से सम्बंधित एक क्रांतिकारी खोज की। इस खोज के अनुसार सभी प्रकार के रंग वास्तव में तीन आधार रंगों का मिश्रण होते हैं। इन रंगों यानी लाल, हरे व नीले रंगों को अलग अलग अनुपात में मिलाकर कोई भी रंग बनाया जा सकता है। वर्तमान में हर प्रकार की रंगीन छपाई मशीनें, रंगीन टी.वी., रंगीन फोटोग्राफी, रंगीन कंप्यूटर मॉनिटर, फोन स्क्रीन सभी कुछ इसी सिद्धांत के आधार पर कार्य करते हैं। कभी कभी हरे प्राईमरी कलर के स्थान पर पीला रंग इस्तेमाल होता है।

◆ मैक्सवेल का काम काज ◆
★ सन 1856 से 1860 तक वे ऐबर्डीनके मार्शल कालेज में प्राकृतिक दर्शन के प्रोफेसर रहे।
★ सन् 1860 से 68 तक मैक्सवेल लंदन के किंग कालेज में भौतिकी और खगोलमिति के प्रोफेसर रहे।
★ 1868 ई० इन्होंने अवकाश ग्रहण किया, किंतु 1871 मे इनको पुन: केंब्रिज में प्रायोगिक भौतिकी विभाग के अध्यक्ष का भार सौंपा गया।
★ मैक्सवेल के निर्देशन में इन्हीं दिनों सुविख्यात कैंबेंडिश प्रयोगशाला की रूपरेखा निर्धारित की।
★ मौत ★
मैक्सवेल का कैंब्रिज 5 नवम्बर , 1897 को , पेट के कैंसर से इंग्लैंड में मृत्यु हो गई थी। उनकी खोजों ने नई दुनिया के तकनीकी प्रयोगों के लिए रास्ता दिखाया ।

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