Skip to content

THE GYAN GANGA

Know Everythings

  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Toggle search form
  • Indian Polity Notes: Sessions Court (For UPSC, State PCS, SSC & Railway) Uncategorized
  • घर पे नर्सरी का बिज़नेस करें, कमाए लाखों |  How to Start Plant Nursery Business In Home
    घर पे नर्सरी का बिज़नेस करें, कमाए लाखों | How to Start Plant Nursery Business In Home Uncategorized
  • आइसलैंड के बारे में रोचक तथ्य | जानिए आइसलैंड के बारे में
    आइसलैंड के बारे में रोचक तथ्य | जानिए आइसलैंड के बारे में Knowledge
  • ★ अली सरदारी जाफ़री का जीवन परिचय ★
    ★ अली सरदारी जाफ़री का जीवन परिचय ★ Biography
  • Best Quotes of M K Gandhi Life Quotes
  • किसी भी मामले में बैंक और बैंक कर्मचारी के खिलाफ शिकायत कैसे करें
    किसी भी मामले में बैंक और बैंक कर्मचारी के खिलाफ शिकायत कैसे करें Knowledge
  • Discover Inspiring Roy Barnes Quotes Quotes
  • kumbhalgarh-fort-rajasthan-gk-in-hindi
    kumbhalgarh-fort-rajasthan-gk-in-hindi History

प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

Posted on November 28, 2019January 29, 2021 By admin No Comments on प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

प्रयागराज में संगम के अलावा भी कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनके दर्शन आपको जरूर करने चाहिए। प्रयागराज को तीर्थराज के नाम से भी जाना जाता है। यहां के तीर्थ स्थल उंगलियों पर गिनने मुश्किल हैं लेकिन कुछ ऐसे स्थल हैं जहां आपको जरूर जाना चाहिए। प्राचीन संगम नगरी है तो जाहिर हैं यहां के मंदिर और अन्य तीर्थ स्थल भी उतने ही पुराने होंगे। यहां के मंदिर की प्राचीनता और महातम को अगर आपको समझना है तो यहां आना होगा। आइए प्रयागराज के कुछ महत्वपूर्ण मंदिरों के बारे में जानें जहां जाना जरूर चाहिए।

अक्षय वट : अकबर के किले में प्रसिद्ध अक्षय वट मौजूद है। मान्यता है  कि गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम की वजह से ही इस अक्षय वट की उत्पत्ति हुई है। मान्यता है कि इसके दर्शन के बाद ही संगम पर स्नान करने वालों के सभी संकल्प पूरे होते हैं। यह बरगद का बहुत पुराना पेड़ है। सुरक्षा के बीच संगम के निकट किले में अक्षय वट की एक डाल के दर्शन कराए जाते हैं। पूरा पेड़ कभी नहीं दिखाया जाता।

बड़े हनुमान जी या लेटे हनुमान जी का मंदिर : संगम किनारे हनुमान जी का एक अनूठा मन्दिर है। इस मंदिर में बजरंग बलि की लेटी हुई प्रतिमा की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि हर साल बारिश के समय में गंगा जी का जल किनारों को पार करते हुए इस मंदिर तक आता है और हनुमान जी के चरणों का स्पर्श करने के बाद बाढ़ का पानी आगे नहीं बढ़ता और वहीं से लौटने लगता है।

दारागंज मोहल्ले में गंगा जी के किनारे संकटमोचन हनुमान मंदिर है. यह कहा जाता है कि संत समर्थ गुरू रामदास जी ने यहां भगवान हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की थी. शिव-पार्वती, गणेश, भैरव, दुर्गा, काली एवं नवग्रह की मूर्तियां भी मंदिर परिसर में स्थापित हैं. इस मंदिर के पास श्री राम जानकी मंदिर एवं हरित माधव मंदिर भी हैं.

मानामेश्वर मंदिर : यमुना किनारे भगवान शिव के मानामेश्वर मंदिर हजारों साल पुराना है इस मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी किया गया है। किला के पश्चिम यमुना तट पर मिन्टो पार्क के निकट यह मंदिर स्थित है. यहां काले पत्थर की भगवान शिव का एक लिंग और गणेश एवं नंदी की मूर्तियां हैं. यहां हनुमान जी की भी एक बड़ी मूर्ति है और मंदिर के निकट एक प्राचीन पीपल का पेड़ है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

शंकर विमान मंडपम् : यह मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ है. मंदिर चार स्तम्भों पर निर्मित है. जिसमें कुमारिल भट्ट, जगतगुरु आदि शंकराचार्य, कामाक्षी देवी (चारों ओर 51 शक्ति की मूर्तियां के साथ), तिरूपति बाला जी (चारों ओर 108 विष्णु भगवान) और योगशास्त्र सहस्त्रयोग लिंग (108 शिवलिंग) स्थापित है.
यहां दक्षिण शैली में बना 130 फुट ऊंचा शंकर विमान मंडपम् मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि आदि गुरू शंकराचार्य से प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री कुमारिल भट्ट की मुलाकात यहीं हुई थी। इसी भेंट को अमर करने के लिए इस मंदिर को बनाया गया।

भारद्वाज मुनि का आश्रम : मुनि भारद्वाज के समय यह एक प्रसिद्ध शिक्षा केन्द्र था. कहा जाता है कि भगवान राम अपने वनवास पर चित्रकूट जाते समय सीता जी एवं लक्ष्मण जी के साथ इस स्थान पर आये थे. वर्तमान में वहां भारद्वाजेश्वर महादेव मुनि भारद्वाज, तीर्थराज प्रयाग और देवी काली इत्यादि के मंदिर हैं. निकट ही सुन्दर भारद्वाज पार्क एवं आनन्द भवन है.
इलाहाबाद के मौहल्ले कर्नलगंज में ऋषि भारद्वाज का आश्रम है। यह आनंद भवन के पास ही है। प्राचीन काल में जब वर्तमान संगम का बांध नहीं बना था तो गंगा यमुना का संगम यहीं हुआ करता था। मुख्य मंदिर के अलावा यहां कई और देवी देवताओं के मंदिर हैं।

सोमेश्वर मंदिर : तीर्थराज प्रयाग के यमुना तट पर स्थित प्राचीन भगवान शिव का सोमेश्वर नाथ मंदिर भी है। सोमेश्वर नाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर के कहने पर चंद्रमा ने यहां भगवान शिव की स्थापना की थी। इसके अलावा मंदिर को लेकर एक मान्यता यह भी है कि इस मंदिर के आस पास अमृत की वर्षा होती है और मंदिर पर विराजित त्रिशूल की दिशा भी चन्दमा के साथ बदलती है।

श्री वेणी माधव मंदिर: मान्यता है कि ब्रह्मा जी प्रयागराज की धरती पर जब यज्ञ कर रहे थे, तब उन्होंने प्रयागराज की सुरक्षा हेतु भगवान विष्णु से प्रार्थना कर उनके बारह स्वरूपों की स्थापना करवाई थी. प्रयागराज के बारह माधव मंदिरों में प्रसिद्ध श्री वेणी माधव जी का मंदिर दारागंज के निराला मार्ग पर स्थित है. मन्दिर में शालिग्राम शिला निर्मित श्याम रंग की माधव प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित है. श्री वेणी माधव को ही प्रयागराज का प्रधान देवता भी माना जाता है. श्री वेणी माधव के दर्शन के बिना प्रयागराज की यात्रा एवं यहां होने वाली पंचकोसी परिक्रमा को पूरा नहीं कहा जा सकता. चैतन्य महाप्रभु जी स्वयं अपने प्रयागराज प्रवास के समय यहां रह कर भजन-कीर्तन किया करते थे.

श्री अखिलेश्वर महादेव: चिन्मय मिशन के अधीन प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में रसूलाबाद घाट के निकट 500 वर्ग फिट के लगभग एक क्षेत्र में श्री अखिलेश्वर महादेव संकुल फैला हुआ है. आधार तल से ऊपर राजस्थान से गुलाबी पत्थर मंगा कर कटाई की जा रही है और श्री अखिलेश्वर महादेव ध्यान मण्डपम को आकार प्रदान करने के लिये लगाये जा रहे हैं.

पब्लिक लाइब्रेरी: शहर की सबसे पुरानी लाइब्रेरी चन्द्रशेखर आजाद पार्क परिसर के भीतर स्थित है. इसमें ऐतिहासिक पुस्तकों, पाण्डुलिपियों एवं पत्रिकाओं का संग्रह है. इसी भवन में राज्य की पहली विधान सभा की पहली बैठक हुई थी. लार्ड थार्नहिल एवं माइन की स्मृति में निर्मित यह भवन गोथिक आर्कीटेक्चर का एक सुंदर नमूना है.

इलाहाबाद विश्वविद्यालय: इलाहाबाद विश्वविद्यालय को ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता है. यह कलकत्ता, बाम्बे और मद्रास विश्वविद्यालय के बाद चौथा पुराना विश्वविद्यालय है. विजय नगरम हाल, सीनेट हाल (दरबार हाल), एस.एस.एल हॉस्टल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की बड़ी इमारतें हैं.

विक्टोरिया स्मारक: रानी विक्टोरिया को समर्पित इटालियन चूना पत्थर से निर्मित यह स्मारक स्थापत्य कला का एक जीवंत उदाहरण है. इसे 24 मार्च, 1906 को जेम्स डिगेस ला टच के द्वारा 1906 में खोला गया था. त्रिकोणात्मक रचना में कभी रानी विक्टोरिया की बड़ी मूर्ति लगी हुई थी जो वर्तमान में यहां नहीं है.

स्वराज भवन : स्वराज भवन नेहरू परिवार की संपत्ति थी. अब स्वराज भवन प्रयागराज के पर्यटक स्थलों में शुमार हो गया है. लोग यहां पर गांधी जी का चरखा, स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें और नेहरू परिवार की निजी धरोहरों को देखने आते हैं.

चंद्रशेखर आजाद पार्क: यह प्रयागराज का सबसे बड़ा पार्क है. इसे पहले अल्फ्रेड पार्क के नाम से जाना जाता था. यह पार्क 133 एकड़ में फैला हुआ है. इसी पार्क में क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद शहीद हो गए थे. पार्क के अंदर ही एक संग्रहालय भी है.

खुसरोबाग : खुसरोबाग एक विशाल ऐतिहासिक बाग है. चारदीवारी के भीतर इस खूबसूरत बाग में बलुई पत्थरों से बने मकबरे मुगल वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण हैं. एक दीवार वाले इस उद्यान में 17वीं शताब्दी में निर्मित चार महत्वपूर्ण मुगल कब्रें हैं.कब्रों में से एक जहांगीर के सबसे बड़े पुत्र राजकुमार खुसरो की है, दूसरी कब्र खुसरो की मां शाह बेगम की है. तीसरे मकबरे का निर्माण खुसरो की बहन नेसा बेगम ने करवाया, कई कलात्मक नक्काशी को देखने के लिए यह सुंदर है. सबसे अन्तिम मकबरा छोटा है जिसे तैमूरलंग की कब्र के रूप में जाना जाता है और यह रहस्यमय है

Tourist Place

Post navigation

Previous Post: ★ शिव के स्वरूप :- आदिगुरु शंकराचार्य :–adi guru shankracharya
Next Post: जयपुर के जंतर मंतर, जहाँ है सूर्य घड़ी

Related Posts

  • पालिताना का इतिहास (History of palitana in Hindi)
    पालिताना का इतिहास (History of palitana in Hindi) Tourist Place
  • जानिए शाही विक्टोरिया मेमोरियल हॉल के बारे में
    जानिए शाही विक्टोरिया मेमोरियल हॉल के बारे में History
  • बब्बर शेरों के घर :- गिर वन्य जीव अभयारण्य
    बब्बर शेरों के घर :- गिर वन्य जीव अभयारण्य Tourist Place
  • Best Place to Visit in Himachal
    Best Place to Visit in Himachal Tourist Place
  • कलयुग के श्रीकृष्ण खाटू श्याम  के बारे में जाने
    कलयुग के श्रीकृष्ण खाटू श्याम के बारे में जाने Tourist Place
  • Top Beautiful beach in goa.गोवा के शानदार BEACH जहाँ आप  को जरूर जाना चाहिए
    Top Beautiful beach in goa.गोवा के शानदार BEACH जहाँ आप को जरूर जाना चाहिए Tourist Place

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Ombudsman institution Uncategorized
  • ★ क्या है UDYOG आधार ★ | MSME me Registration Kaise kare
    ★ क्या है UDYOG आधार ★ | MSME me Registration Kaise kare Knowledge
  • Explore Timeless Wisdom: P. G. Wodehouse Quotes Quotes
  • Inspiring Dean Acheson Quotes Quotes
  • Discover Inspiring Sela Ward Quotes Quotes
  • ★ कोलम्बस का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां ★
    ★ कोलम्बस का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां ★ Biography
  • Uncover Inspiring Mercy Otis Warren Quotes Quotes
  • 32 bit and 64 bit में  क्या  अंतर है |
    32 bit and 64 bit में क्या अंतर है | Knowledge

Powered by PressBook News WordPress theme