Skip to content

THE GYAN GANGA

Know Everythings

  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Toggle search form
  • Discover Inspiring Abdallah II Quotes Quotes
  • चेहरे से मस्से कैसे हटाए | Chehre Se massa Kaise Hataye | मस्सा हटाने के घरेलु उपये
    चेहरे से मस्से कैसे हटाए | Chehre Se massa Kaise Hataye | मस्सा हटाने के घरेलु उपये Health
  • Discover Inspiring John Perry Barlow Quotes | Feel Inspired Today! Quotes
  • गुलाब जल बनाने की विधि
    गुलाब जल बनाने की विधि Health
  • National Parties in India Uncategorized
  • मेटाबोलिज्म : मोटापे को रखे कंट्रोल
    मेटाबोलिज्म : मोटापे को रखे कंट्रोल Health
  • डिजिटल सिग्नेचर क्या होता है | Digital Signature Certificate के लिए ऑनलाइन अप्लाई Knowledge
  • अमरावती शैली की कला शैली
    अमरावती शैली की कला शैली History
महाराणा सांगा और बाबर के मध्य का युद्ध | ★  बाबर के हुकूमत की शुरुआत खानवा का युद्ध ★

महाराणा सांगा और बाबर के मध्य का युद्ध | ★ बाबर के हुकूमत की शुरुआत खानवा का युद्ध ★

Posted on August 13, 2019January 19, 2021 By admin No Comments on महाराणा सांगा और बाबर के मध्य का युद्ध | ★ बाबर के हुकूमत की शुरुआत खानवा का युद्ध ★

खानवा का युद्ध ‘भारतीय इतिहास’ में काफ़ी महत्त्वपूर्ण है। यह युद्ध 17 मार्च, 1527 ई. में हुआ था ।यह राजपूत  नरेश राणा साँगा और मुग़ल बादशाह बाबर के मध्य लड़ा गया था। इस युद्ध में साँगा की हार हुई और सम्पूर्ण भारत में हिन्दू राज्य की स्थापना करने का उसका सपना टूट गया। ‘खानवा की लड़ाई’ से दिल्ली-आगरा में बाबर की स्थिति मजबूत हो गई थी। आगरा के पूर्व में ग्वालियर और धौलपुर जैसे क़िलों की शृंखला जीत कर बाबर ने अपनी स्थिति और भी मज़बूत कर ली थी।

पानीपत के बाद बाबर द्वारा भारत में लड़े गए युद्धों में सबसे महत्त्वपूर्ण खानवा का युद्ध था. जहाँ पानीपत के युद्ध ने बाबर को दिल्ली और आगरा का शासक बना दिया, वहीं खानवा के युद्ध बाबर के प्रबलतम शत्रु राणा सांगा का अंत कर बाबर की विजयों को एक स्थायित्व प्रदान किया.

★ साज़िश करके जीता गया युद्ध ★

बाबर राणा सांगा का मुकाबला करने के लिए फतेहपुर सिकरी के निकट खानवा नामक जगह पर पहुँचा. राणा सांगा उसकी प्रतीक्षा में था. बाबर ने जिस चक्रव्यूह-रचना का प्रयोग पानीपत में किया था उसी रचना को खानवा में भी किया . 16 मार्च, 1527 को खानवा के मैदान में दोनों सेनाओं की मुठभेड़ हुई. राजपूत वीरता से लड़े पर बाबर ने गोला-बारूद का जमकर इस्तेमाल कर राणा के सेना को पराजित कर दिया. राणा रणक्षेत्र से भाग निकला ताकि वह पुनः बाबर से युद्ध कर सके. पर कालांतर में उसके ही सामंतों ने उसे विष देकर मार डाला. बाबर के लिए यह एक बड़ी जीत थी.

★ खानवा युद्ध के कारण ★

बाबर और राणा सांगा के बीच युद्ध के अनेक कारण थे. इनमें से कुछ निम्नलिखित थे –

◆ राणा सांगा (Rana Sanga) भी अफगानों की सत्ता समाप्त कर अपना राज्य स्थापित करना चाहता था. उसने अपनी शक्ति बहुत बढ़ा ली थी. उसके राज्य की सीमा आगरा के निकट तक पहुँच गई थी. बाबर को उससे किसी भी समय खतरा उत्पन्न हो सकता था.

◆ राणा सांगा समझता था कि बाबर भी अन्य मध्य एशियाई लूटेरों की तरह लूट-पाट करके चला जायेगा. फिर उसके जाने के बाद वह दिल्ली पर अधिकार कर लेगा. परन्तु जब उसे अहसास हुआ कि बाबर दिल्ली छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला तो वह सोच में पड़ गया.

◆ सिन्धु-गंगा घाटी में बाबर के वर्चस्व ने सांगा के लिए खतरा बढ़ा दिया. उसने बाबर को देश से भगाने का निर्णय लिया.

◆ इसी बीच जब बाबर ने अफगान विद्रोहियों को कुचलने का निर्णय लिया तब अनेक अफगान सरदार राणा सांगा के शरण में जा पहुँचे. इनमें प्रमुख थे इब्राहीम लोदी का भाई महमूद लोदी और मेवात का सूबेदार हसन खां मेवाती. इन लोगों ने राणा सांगा को बाबर के विरुद्ध युद्ध करने को उकसाया और अपनी सहायता का वचन भी दिया.

राणा सांगा बाबर द्वारा कालपी, बयाना, आगरा और धौलपुर पर अधिकार किए जाने से गुस्से में था क्योंकि वह इन क्षेत्रों को अपने साम्राज्य के अन्दर मानता था.

★ युद्ध के परिणाम ★

खानवा का युद्ध बाबर के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण इसलिए था कि क्योंकि उसने एक वीर शासक को हराया और यह बात पूरे भारत में फ़ैल गई. इस युद्ध ने उसे भारत में पाँव फैलाने का अवसर प्रदान किया.

इस युद्ध के बाद राजपूत-अफगानों का संयुक्त “राष्ट्रीय मोर्चा” ख़त्म हो गया.

भारत में “हिन्दू राज्य” राज्य स्थापित करने का सपना भंग हो गया.

खानवा युद्ध के बाद बाबर की शक्ति का आकर्षण केंद्र अब काबुल नहीं रहा, बल्कि आगरा-दिल्ली बन गया.

 

History

Post navigation

Previous Post: ★ खाना खाते समय ध्यान दे ये 15 मुख्य बातें ★
Next Post: किसी भी मामले में बैंक और बैंक कर्मचारी के खिलाफ शिकायत कैसे करें

Related Posts

  • प्राचीन रोम का इतिहास  | history of ancient  rome
    प्राचीन रोम का इतिहास | history of ancient rome History
  • शाहजहाँ की बड़ी और सबसे लाडली बेटी  “जहाँआरा बेगम”
    शाहजहाँ की बड़ी और सबसे लाडली बेटी “जहाँआरा बेगम” History
  • ★ क़ुतुब मीनार का इतिहास और रोचक तथ्य ★
    ★ क़ुतुब मीनार का इतिहास और रोचक तथ्य ★ History
  • केरल मे इस्लाम की शुरुआत : islam in kerala.
    केरल मे इस्लाम की शुरुआत : islam in kerala. History
  • ★ चौसा का युद्ध : मुग़लो का देश निकाला ★
    ★ चौसा का युद्ध : मुग़लो का देश निकाला ★ History
  • 23 मार्च : भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव शहीद दिवस
    23 मार्च : भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव शहीद दिवस History

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • Home
  • Health
  • Knowledge
  • Biography
  • Tourist Place
  • WEIGHT LOSS
  • Home Remedies
  • Politics
  • बाल गंगाधरतिलक का जीवन परिचय
    बाल गंगाधरतिलक का जीवन परिचय Biography
  • हिंदुकुश पर्वत: एक अनोखी पर्वतमाला
    हिंदुकुश पर्वत: एक अनोखी पर्वतमाला Tourist Place
  • ★ घरेलू हिंसा ::: सहे नही कहे, कानून है आपके संग:-
    ★ घरेलू हिंसा ::: सहे नही कहे, कानून है आपके संग:- Knowledge
  • जानिए कैसे अमरुद की पत्ती बालो को लम्बी करती है
    जानिए कैसे अमरुद की पत्ती बालो को लम्बी करती है Home Remedies
  • जानिए गुयाना के बारे में रोचक तथ्य :
    जानिए गुयाना के बारे में रोचक तथ्य : Knowledge
  • गेंडा के बारे में रोचक जानकारी  Rhinoceros Facts in Hindi | एक सींग वाले गेंडे से
    गेंडा के बारे में रोचक जानकारी Rhinoceros Facts in Hindi | एक सींग वाले गेंडे से Knowledge
  • ★ हांडा की रानी: सिर काट के सजा दिया थाल मे :—
    ★ हांडा की रानी: सिर काट के सजा दिया थाल मे :— Biography
  • Discover Inspiring Honore de Balzac Quotes Quotes

Powered by PressBook News WordPress theme